UP Zero Poverty Yojana 2025 : योगी सरकार की ऐतिहासिक पहल, जानिए पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तों, आज के इस ब्लाग में हम Uttar Pradesh सरकार की एक बहुत अच्छी योजना के बारे में बात करेंगे इस योजना का नाम है Zero Poverty Yojana । Zero Poverty Uttar Pradesh Yojana 2025 की शुरुआत 2 अक्टूबर 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई थी। Zero Poverty Uttar Pradesh Mission के द्वारा सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश राज्य को देश का पहला गरीबी मुक्त राज्य बनाया जा सके।

सरकार द्वारा Zero Poverty Yojana का लाभ ऐसे परिवारों को दिया जाता है जो परिवार आज के समय में भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जिन परिवारों को बुनियादी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। Zero Poverty families की पहचान के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत के अधिकारियों द्वारा ऐसे लोगों की पहचान की जाती है जो जो बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जिनके पास कच्चा मकान। ऐसे लोगों की संबंधित अधिकारियों द्वारा सूची बनाई जाती है।

Zero Poverty Mission की शुरुआत गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2024 में की गई थी। और इस योजना को डॉ. Br. Ambedkar को समर्पित किया गया था। इस योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य यही है कि सभी गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, कोई परिवार जरूरी सुविधाओं से वंचित न हो और देश से गरीबी को खत्म किया जा सके।

Zero Poverty Uttar Pradesh Mission क्या है

दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार गरीबों के हित के लिए समय समय पर अच्छी अच्छी योजनाएं निकलती रहती है, Zero Poverty Mission की भी शुरुआत भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों के हित के लिए की गई है। इस योजना से लाखों गरीब परिवारों को मदद मिलेगी। इस योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गांधी जयंती के दिन 2024 में की गई थी। इस योजना को सरकार द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर को समर्पित किया गया है। इस योजना में अब तक लगभग 13.3 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ा गया है और काफी लोगों को इसका लाभ भी मिल चुका है।

इस कल्याणकारी योजना के द्वारा सरकार ऐसे लोगो की पहचान कर रही है जो बुनियादी सुविधाओं जैसे पक्के घर, स्वस्थ, शिक्षा, नौकरी से वंचित रहते है। और जिन लोगों को सरकारी योजनाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो परिवार आज भी कच्चे मकानों में रह रहे है, तथा जरूरी बुनियादी सुविधाएं न मिल पाने के कारण अब भी सीमित साधनों में जीवन बिता रहे है।

Zero Poverty Mission में ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे किए जाता है। ग्राम पंचायत में कुछ ऐसे लोग जो आज भी कच्चे मकानों ही जीवन जी रहे है, जिन्हें सरकार की योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पाता है ऐसे लोगो की सूची तैयार करके सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे आवास, राशन, स्वास्थ्य आदि योजनाओं से जोड़ा जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस मिशन का उद्देश्य है उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति, परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे हर गरीब परिवार तक सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ पहुंचें।

Zero Poverty Uttar Pradesh Mission की विशेषताएं:

यह Zero Powerty Uttar Pradesh Yojana गरीबों के लिए एस वरदान की तरह साबित हो रही है। इस योजना का मकसद लोगों को आर्थिक मदद पहुंचना तो है ही ही इसके अलावा सरकार इस योजना के द्वारा लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ कर उनका जीवन सुधारने में मदद कर रही है।

  • ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे प्रक्रिया: ग्राम पंचायत विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत में जितने भी गरीब परिवार है उनका सर्वे किया जाता है।
  • परिवार केंद्रित योजना: Zero Poverty Yojana परिवार केंद्रित है, इस का लाभ पूरे परिवार को दिया जाता है न कि सिर्फ अकेले व्यक्ति को।
  • कई योजनाओं का लाभ: इस योजना की विशेषता यह है कि इसमें सिर्फ एक ही योजना का लाभ नहीं मिलता है बल्कि इसके द्वारा सरकार की कई योजनाओं का लाभ मिलता है।
  • इस योजना के जिम्मेदार अधिकारी: इस योजना की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, पंचायक सहायक और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को दी गई है।
  • अम्बेडकर से संबंध: इस योजना को डॉ भीम राव आंबेडकर को समर्पित किया गया है जिसकी वजह से सामाजिक न्याय का भी संदेश जाता है।
  • इस योजना का लक्ष्य: इस योजना से उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि UP को पहला Zero Poverty state बनाया जा सके।

Zero Poverty Uttar Pradesh Yojana के लिए पात्रता:

  • ऐसे परिवार जिनके पास आज समय में भी पक्का मकान नहीं, जो आज भी कच्चे घर में जीवन व्यतीत कर रहे है।
  • ऐसे लोग जिनके पास कोई रोजगार नहीं है अथवा कमाई का कोई श्रोत नहीं है।
  • ऐसे परिवार को ही इस योजना का लाभ मिलेगा जिन्होंने अभी तक आवास जैसी योजनाओं का लाभ नहीं लिया है।
  • ऐसे व्यक्ति जो बहुत गरीबी रेखा में जी रहे है, जिन्हें पंचायत स्तर पर जरूरतमंद माना गया है।

Zero Poverty Yojana में लाभार्थी का चयन :

  • इस योजना में चयन के लिए ग्राम पंचायत के अधिकारियों व स्थानीय निकाय द्वारा सर्वे किया जाता है। सर्वे के दौरान यदि आप पत्र होते है तो आपको इस योजना की सूची में शामिल किया जाएगा।
  • Zero Poverty Yojana द्वारा हर ग्राम पंचायत में सबसे गरीब परिवारों को उसकी सूची में शामिल किया जाता है।
  • जब ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे हो जाता है इसके बाद सूची जिला स्तर पर सत्यापन के लिए भेजी जाती है, जिला स्तर से सत्यापन के बाद ही फाइनल सूची में नाम जुड़ता है।
  • इस योजना के द्वारा शॉर्ट लिस्टेड व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, स्वरोजगार योजना जैसी तमाम योजनाओं से जोड़ जाता है।

Zero Poverty Yojana की अब तक की उपलब्धि:

  1. उत्तर प्रदेश की इस महान योजना के के द्वारा उत्तर प्रदेश में अब तक 13.3 लाख गरीब परिवारों की पहचान की जा चुकी है।
  2. इस योजना की लिस्ट में चयनित 13.3 लाख गरीब परिवारों में से अब तक 3.72 लाख परिवारों को सरकारी की बहुत योजनाओं का लाभ भी दिया जा चुका है।
  3. इस योजना के द्वार ग्राम पंचायत में जितने भी गरीब परिवार है, जिन्हें बुनियादी जरूरत की चीजें नहीं मिल पा रही है उन्हें ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा सर्वे के माध्यम से इस सूची में लगातार जोड़ा जा रहा है।
  4. इस योजना में माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश्य यही है कि उत्तर प्रदेश को देश का पहला Zero Poverty State घोषित किया जा सके।

UP Zero Poverty Yojana से क्या लाभ मिलेगा:

Zero Poverty Yojana उत्तर प्रदेश में गरीब परिवारों के लिए एक तरह से वरदान साबित हो रही है। सरकार की इस योजना में जिस परिवार का चयन होता है उसे सरकार की बहुत स्कीम व योजनाओं का लाभ दिया जाता है। यदि किसी परिवार के पास कच्चा मकान है तो सरकार उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के द्वारा पक्का मकान देती है। इस योजना में नामांकित परिवारों को सस्ता राशन की व्यस्था की जाती है। इस योजना ने उत्तर प्रदेश के लोगों जो बहुत गरीब है उनका भविष्य बदलने का काम शुरू कर दिया। इससे बहुत परिवारों का भला होगा और वे भी अन्य लोगों की तरह आर्थिक मजबूत हो सकेंगे और सभी जरूरत की वस्तुओं को अर्जित कर पाएंगे

Uttar Pradesh Zero Poverty Yojana की चुनौतियां:

दोस्तो सरकार जब भी कोई योजना चलाती है तब उसे बहुत सी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। कभी कभी सर्वे के दौरान पत्र परिवारों का नाम छूट जाता है और अपात्र लोगों का नाम जुड़ जाता है। ये समस्या कभी कभी अधिकारियों की भूल से या लापरवाही की वजह से भी होती है। सर्वे के बाद सूची में नाम आने कद भी लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ बहुत देरी से मिल पाता है। कही कही जागरूकता की कमी से लोगों को सही जानकारी जानकारी नहीं मिल पाती है और वे योजनाओं से वंचित रह जाते है।

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